पुरस्कार एवं सम्मान

 

प्रा. डी. चन्द्रशेखरम, भू-विज्ञान विभाग,  ओ.एन.जी.सी. के बोर्ड के स्वतंत्र निदेशक निदेशक के रूप में नियुक्त हुए हैं और तीन साल की अवधि के लिए कोलफिल्ड लि. कोयला मंत्रालय के बोर्ड में हैं।

प्रा. एस.एम. खोपकर, सम्माननीय प्राध्यापक, रसायनशास्त्र विभाग,,  को 23 दिसम्बर 2010 को छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर में रासायनज्ञों के 47 वार्षिक सम्मेलन में इंडियन केमिकल्स सोसायटी कोलकता द्वारा आजीवन उपलब्धि पुरस्कार दिया गया।

प्रा.ए.के.सिंह,, रसायनशास्त्र विभाग,   दो वर्ष की अवधि के लिए भारतीय विज्ञान अकादमी परिषद में निर्वाचित हुए हैं।

प्रा. जे. आदि नारायण, संसाधन अभियांत्रिकी केन्द्र,   कृषि सूचना प्रौद्योगिकी एशियाई महासंघ के उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।

प्रा. के.पी. माधवन, सम्माननीय प्राध्यापक, रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग,  को केमटेक लिडरशीप एवं उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त हुआ।

प्रा. नीना सबनानी, औद्योगिक अभिकल्प केन्द्र के द्वारा निर्मित एकवृत चित्र"स्टिचेज स्पीक" ने सिनेक्यस्ट फिल्म फेस्टिवल सन होज़ अमेरिका में सर्वश्रेष्ठ लघु वृतचित्र 6वाँ पुरस्कार प्राप्त किया। यह फिल्म अपने निर्माण के समय बॉलीवुड और 2010 के उपरांत फिल्म समारोह, स्टूगार्ड, जर्मनी में जुलाई 2010 में श्रेष्ठ लघु फिल्म पुरस्कार सहित अनेक पुरस्कार जीते हैं ।
स्टीचेज को मिले अन्य पुरस्कारों में हैंः

    एफ आई सी सी आई फ्रेम 2010, भारतः सर्वश्रेष्ठ लघु प्रोफेंशन फिल्म
    एफ आई सी सी आई फ्रेम 2010, भारतः सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म समाज कल्याण की फिल्म
    आई एस एफ एफ ( अन्तर्राष्ट्रीय लघु फिल्म समारोह भारत) 2010 सर्वश्रेष्ठ सर्जनात्मक फिल्म
    आई डी पी ए ( भारतीय लघु फिल्म निर्माता संघ) 2010: उत्कृष्ट फिल्म 2010
 

 

प्रा. डी.एस.मिश्रा, भौतिकी विभाग,   उनके ग्रुप का वर्तमान प्रकाशन, नेचर इंडिया में "ग्रॅफनी नैनोमॅश" शीर्षक का आलेख से प्रकाशित हुआ। इसका मूल अभिपत्र नैनोटेक्नोलॉजी (खण्ड 22, पी-025704) में प्रकाशित किया गया है।

प्रा. जी.के.लाहिरी, रसायनशास्त्र विभाग  को विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग का रामण्णा रत्नसदस्य (दूसरी बार) प्राप्त हुआ।

प्रा. सुधीर घोरपडे, गणित विभाग  को नॅशनल एकेडमी ऑफ सायन्सेस इंडिया (NASI) के रत्नसदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया।

प्रा. रामगोपाल राव, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग  को नॅशनल एकेडमी ऑफ सायन्सेस इंडिया (NASI) के रत्नसदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया।

प्रा. एस.के.मैती, यांत्रिकी अभियांत्रिकी विभाग  को नॅशनल एकेडमी ऑफ सायन्सेस इंडिया (NASI) के रत्नसदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया।

प्रा. अजिजुद्दिन खान, मानविकी एवं समाज विज्ञान विभाग,   को "हर्मस फेलोशिप" विदेश मंत्रालय, फ्रान्स, सेन्टर नॅशनल द ला रिसर्च साइन्टीफिक (CNRS) तथा ला फाउंडेशन मेसन देस सायन्स द आइहोम (FMSH), फ्रान्स 2009-10 से पुरस्कृत किया गया।

प्रा. जयेश बेल्लारे, रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग ,  को भौतिकी विज्ञान में उनके अनुप्रयुक्त उन्मुख अनुसंधान नवोन्मेष हेतु राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, भारत (NASI) द्वारा NASI-रिलायन्स प्लॅटिनम ज्युबली पुरस्कार, 2010 प्रदान किया गया।

प्रा. डी.चंद्रशेखरम, भू-विज्ञान विभाग,  को इंडियन रेयर अर्थ लिमिटेड (परमाणु उर्जा विभाग) के शासी मंडल में स्वतंत्र निदेशक के रूप में तीन वर्षों की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है।

प्रा. डी.बहादुर, धातुकी अभियांत्रिकी विभाग  को भारतीय पदार्थ अनुसंधान सोसायटी (MRSI) द्वारा एमआरएसआई विशिष्ट व्याख्यानवृत्ति वर्ष 2011-2012 की अवधि के लिए चयन किया गया। यह पुरस्कार भोपाल में एमआरएसआई की 14-16 फरवरी 2011 को आयोजित वार्षिक महासभा में प्रस्तुत किया जाएगा।

प्रा. हेतु सेठ, भू-विज्ञान  का भारतीय भू-भौतिकी संघ (IGU) हैदराबाद द्वारा 'कृष्णन स्वर्ण पदक' 2010 हेतु चयन किया गया। यह पदक आई जी यू के 47 वें वार्षिक संयोजन, हैदराबाद में 8 दिसम्बर 2010 को प्रस्तुत किया गया।

प्रा. एस.एल.धिंगरा, संस्थान पीठासीन प्राध्यापक तथा प्रतिष्ठित रत्नसदस्य,   को इंटरनॅशनल बेनीफिटस इवॅल्युएशन एण्ड कॉस्टस (बुद्धिमत्ता परिवहन प्रणाली के) समूह (IBEC-ITS) के नई कार्यपालक समिति वर्ष 2010-2011 भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए सदस्य के रूप में नियुक्ति की गई।

प्रा. डी.एन.सिंह, सिविल अभियांत्रिकी विभाग,   का भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी (आईएनएई) के रत्नसदस्य के रूप में चयन किया गया।

प्रा. सौविक महापात्र, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग,  का भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी (आईएनएई) के रत्नसदस्य के रूप में चयन किया गया।

प्रा. एच.बी.सिंह, रसायनशास्त्र विभाग,  को विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा रामण्णा अध्येतावृत्ति से (दूसरी बार) पुरस्कृत किया गया।

प्रा. नंद किशोर, रसायनशास्त्र विभाग,   को भारतीय रासायनिक सोसायटी (मुंबई शाखा) के अध्यक्ष के रूप में दो वर्षों की अवधि के लिए चयन किया गया।

प्रा.रामसुब्रमण्यम, मानविकी एवं समाज विज्ञान विभाग,   को राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, भारत (एन.ए.एस.आई) का प्रा.आर.सी.गुप्ता विज्ञान इतिहास अक्षय व्याख्यान पुरस्कार प्रदान करने हेतु चयन किया गया ।

प्रा.करुणा जैन, शैलेश जे मेहता प्रबंधन विद्यालय,  को सी.एम.ओ एशिया द्वारा एशिया का उत्कृष्ट बी-विद्यालय द्वारा ' उत्कृष्ट प्रचालन प्रबंधन प्राध्यापक ' हेतु चयन किया गया ।

प्रा. एस. भार्गव, शैलेश जे मेहता प्रबंधन विद्यालय,  `एक्सप्लोरिंग सायकॉलॉजिकल कॉन्ट्रक्ट कन्टेन्टस् इन इंडियाः द इम्प्लॉई एण्ड इम्प्लॉयर परस्पेक्टीव' शीर्षक के अभिपत्र हेतु एमराल्ड लिटरेटी नेटवर्क उत्कृष्टता पुरस्कार 2010 में उत्कृष्ट अनुसंधान अभिपत्र के रुप में चुना गया ।

प्रा. शेवगांवकर, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग ,  को विद्युत चुंबकीय तरंग तथा प्रक्षेपण लाइन हेतु उत्कृष्ट पुस्तिका एवं ई-अध्ययन सामग्री के विकास तथा कक्षा में प्रेरणात्मक योगदान देने के लिए 2011 का अवरस्नातक अध्यापन के विकास हेतु उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए चुना गया है ।

प्रा.पुष्पक भट्टाचार्य, कम्प्युटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग,  की नियुक्ति एशियाई भाषा सूचना संसाधन पर प्रतिष्ठित एसीएम ट्रांस्जक्शन पत्रिका के सहायक संपादक के रूप में की गयी है।

प्रा.वी.रामगोपालराव, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग,  को डीएई-एसआरसी द्वारा 'डीएई-एसआरसी उत्कृष्ट अनुसंधान अन्वेषक' पुरस्कार हेतु चुना गया।

प्रा.अश्विन गुमास्ते, कम्प्युटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग,  को डीएई-एसआरसी द्वारा 'डीएई-एसआरसी उत्कृष्ट अनुसंधान अन्वेषक' पुरस्कार हेतु चुना गया।

प्रा.दुलाल पांडा, जैव विज्ञान एवं जैव अभियांत्रिकी विभाग,  को डीएई-एसआरसी द्वारा 'डीएई-एसआरसी उत्कृष्ट अनुसंधान अन्वेषक' पुरस्कार हेतु चुना गया।

प्रा.यू.बी.देसाई, निदेशक भा.प्रौ.स. हैद्राबाद (आंध्रप्रदेश),  को जे.सी.बोस अध्येतावृत्ति पुरस्कार हेतु चुना गया।

प्रा.आर मुरुगवेल, रसायनशास्त्र विभाग,  को डीएई-एसआरसी द्वारा 'डीएई-एसआरसी उत्कृष्ट अनुसंधान अन्वेषक' पुरस्कार हेतु चुना गया।

प्रा.एस कोथा, रसायनशास्त्र विभाग,  को जे.सी.बोस अध्येतावृत्ति पुरस्कार हेतु चुना गया।

प्रा.डी.वी.खख्खर, निदेशक भा.प्रौ.सं. मुंबई,  को जे.सी.बोस अध्येतावृत्ति पुरस्कार हेतु चुना गया।

प्रा. डी.चंद्रशेखरम, भू-विज्ञान विभाग ,  अंतरराष्ट्रीय भू-उष्मीय संघ (आईजीए) निदेशक मंडल में निर्वाचित किया गया है। आईजीए आइसलैण्ड में स्थित है और इसमें सभी देशों से लगभग 6600 सदस्य हैं। इस प्रतिष्ठित पद के लिए निर्वाचित वे प्रथम भारतीय है।

प्रा. एस.जे.भार्गव तथा उनकी छात्रा सुश्री.उपासना अग्रवाल, शैलेश जे मेहता प्रबंधन विद्यालया  द्वारा प्रस्तुत अभिपत्र शीर्षक 'एक्जामिनिंग द एन्टेसीडेन्टस अण्ड आऊटकम्स ऑफ सायकॉलॉजिकल कॉन्टेक्ट ब्रिच रोल,ऑफ ट्रस्ट एण्ड प्रोसिडयुरल जस्टिस' को एस्टॉन बिज़िनेस स्कूल, एस्टॉन युनिवर्सिटी, लंदन में आयोजित 11वें अंतरराष्ट्रीय एच.आर.एम सम्मेलन में उत्कृष्ट अभिपत्र पुरस्कार प्राप्त हुआ।

प्रा.टी.एन.सिंह, भू-विज्ञान विभाग,  को भारतीय खनिज एवं अभियांत्रिकी पत्रिका द्वारा प्रथम पी.एन.बोस खनिज पुरस्कार 2009 से पुरस्कृत किया गया।

प्रा. चंद्रा वेंकटरमण, रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग  को हेलसिंकी, फिनलैण्ड में 29 अगस्त से तीन सितम्बर 2010 तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय वायुविलय सम्मेलन में मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत करने हेतु आमंत्रित किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन चार वर्षों में एक बार आयोजित किया जाता है, बारह राष्ट्रीय वायुविलय अनुसंधान संघ के संगठन अंतरराष्ट्रीय वायूविलय अनुसंधान एसेम्बलि (आईएआरए) द्वारा मेजबानी की जाती है। आप इस सम्मेलन में'अन्योन्य क्रिया की प्रयुक्तिः चुनौतियों से अवसर तक' पर व्याख्यान देंगी।

प्रा. वी.के.सिंह, रसायनशास्त्र विभाग,  को, रसायनशास्त्र में उत्कृष्ट अनुसंधान करने हेतु उनके व्यापक एवं उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में सीआरएसआई रजत पदक हेतु चुना गया है।

प्रा.एच.बी.सिंह, रसायनशास्त्र विभाग,  को, उत्कृष्ट शैक्षिक एवं अनुसंधान कार्य के सम्मान में दूसरी बार विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा रामण्णा फेलोशिप से पुरस्कृत किया गया।

प्रा.महेश तिरुमकुडुलू , रासायनिक अभियांत्रिकी  को राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत के सदस्य के रूप में स्वीकार किया गया।

प्रा. दीपंकर चौधुरी, सिविल अभियांत्रिकी विभाग,  का चयन 'अभिकलनी मॅकेनिक्स हेतु एशियन पेसिफिक संघ द्वारा अभिकलनी मॅकेनिवस में युवा अन्वेषक पुरस्कार 2010' के लिए किया गया है। यह पुरस्कार तीन वर्षों की अवधि में दिया जाता है। प्रकाशित अभिपत्रों के माध्यम से प्राप्त उत्कृष्ट उपलब्धि को मान्यता प्रदान करने के लिए यह 40 वर्ष आयु से कम वाले अनुसंधान कर्ताओं को दिया जाता है।

प्रा. अभय करंदीकर, कम्पुटर केंद्र को इलेक्ट्रॉनिकी,  टेलिमेटिवस, इन्फॉमेटिक्स तथा स्वचालन के क्षेत्र में उनके योगदान तथा उपलब्धि हेतु वर्ष 2009 का 'हरिओम आश्रम प्रेरित डॉ. विक्रम साराभाई अनुसंधान पुरस्कार के लिए संयुक्त रूप से (अन्य नामिती के साथ ) चुना गया है।

प्रा. सुविमल घोष, सिविल अभियांत्रिकी विभाग,  को विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रतिष्ठित बॉयसकास्ट अध्येता वृत्ति 2009-10 का पुरस्कार प्रदान किया गया है।

प्रा.एस.ए खापर्डे, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग,  को अभियंता संस्थान (भारत) के पुणे स्थानीय केंद्र द्वारा 'डी.एस.के उर्जा पुरस्कार' प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उर्जा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु दिया जाता है। प्रा. खापर्डेने इस क्षेत्र में अपना योगदान दिया है। यह पुरस्कार 8 फरवरी 2010 को प्रदान किया गया।

प्रा. अजिज़ुद्दीन खान, मानविकी एवं समाज विज्ञान विभाग ,  का चयन भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आइएनएसए), नई दिल्ली का द्विपक्षीय विनिमय अध्येता वृत्ति कार्यकम 2010-11 के लिए किया गया है। उनका चयन ईएसआरसी-आईसीएसएसआर भारत-लंदन शोध छात्र विनिमय 2009के लिए भी हुआ है।

प्रा. एम.एस.सी बोस तथा प्रा.आर.पी.वेदुला, यांत्रिकी अभियांत्रिकी विभाग,  को व्यवसायिक विकास हेतु प्रा. ए जगमोहन पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पुरस्कार अध्यापन में उत्कृष्टता के लिए डॉ. शिवराम मूर्ति, प्रा. जगमोहन के भाई द्वारा स्थापित किया गया है।

प्रा.वी.के.सिंह, रसायनशास्त्र विभाग  का चयन विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के प्रतिष्ठित जे.सी.बोस रत्न सदस्य के लिए किया गया है।

प्रा.रबी बस्तिया, भू-विज्ञान विभाग  को भारतीय खनि विद्यालय, धनबाद द्वारा पेट्रोलियम में विज्ञान वाचस्पति से पुरस्कृत किया गया।

प्रा. ए.एस.खन्ना संक्षारण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी केंद्  को भारत में जलोढ़ विलेपन में अनुसंधान तथा विलेपन अनुसंधान में बढ़ावा देने के लिए उनके उत्कृष्ट योगदान हेतु 'विलेपन अनुसंधान एवं उन्नयन में उत्कृष्टता के लिए प्रथम एकेझो नोबल पुरस्कार' प्रदान किया गया। यह पुरस्कार एकेझो नोबल, अग्रगण्य अंतराष्ट्रीय पेन्ट कम्पनी द्वारा चीन तथा भारत में प्रायोजित किया गया है। यह पुरस्कार पृष्ठीय सुरक्षित विलेपन पर आयोजित सातवें अंतरराष्ट्रीय परिसंवाद में 28 जनवरी, 2010 को प्रदान किया गया।

प्रा. कृथि रामामृतम, कम्प्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग  द्वारा भारतीय विज्ञान अकादमी बंगलोर के रत्न सदस्य के रुप में निर्वाचित हुए हैं।

प्रा. टी.के.बिस्वाल, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, भू-विज्ञान विभाग  को खनि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 'मौलिक भू-विज्ञान हेतु राष्ट्रीय खनिज पुरस्कार 2008' प्रदान किया गया।

प्रा. विवेक अग्रवाल, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग  का चयन वर्ष 2010 आईईटीई विमल बोस पुरस्कार हेतु किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रा. अग्रवाल की नियुक्ति शिक्षा एवं अनुसंधान में इंडो-जर्मन संबंध की उन्नति में उत्कृष्ट वचनबद्धता एवं नेतृत्वत के लिए शैक्षिक सत्र 2010-11 हेतु डीएएडी अनुसंधान एम्बस्डर के रुप में की गयी है।

प्रा. एस. कोथा, रसायनशास्त्र विभाग का निर्वाचन भारतीय विज्ञान अकादमी, बंगलुरु के रत्न सदस्य के रूप में हुआ हैं।

प्रा. पुष्पक भट्टाचार्य, संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग को 19 दिसम्बर 2009 को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी में विकास के लिए आईसीटी में श्रेष्ठ व्यवस्था के लिए दक्षिण एशिया पुरस्कार-मैनहेथन पुरस्कार 2009 से सम्मानित किया गया।

 

 

सुश्री सुनिता केडिया, अनुसंधान छात्रा, भौतिकी विभाग। इनका अभिपत्र शीर्षक "फोटोल्युमिनेसिनस् ऑफ ZnO इनवर्स फोटोनिक क्रिस्टल" को 9-11 दिसम्बर, 2009 की अवधि गुवाहाटी में आयोजित प्रगत नैनो पदार्थ एवं नैनो प्रौद्योगिकी पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में श्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार मिला। इस परिपत्र की सह लेखिका प्रा. आर. विजया हैं।

 

 

प्रा. श्रीनिवास अलुरू, संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग की प्रतिष्ठा आईईईई फेलो ग्रेट के रूप में 1 जनवरी 2010 से बढ़ी हैं। उनके प्रशस्ति पत्र में लिखा गया हैं, "अभिकलनीय जैव विज्ञान में योगदान"।

 

प्रा. दीपांकर चौधरी, सिविल अभियांत्रिकी विभाग का चयन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी में उनके उत्कृष्ट अनुसंधान कार्य के लिए महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय पुरस्कार 2009 के आईएसटीई के लिए हुआ हैं। इस पुरस्कार का गठन महाराष्ट्र सरकार के द्वारा हुआ हैं। यह पुरस्कार 18 दिसम्बर 2009 को एनआईटी के सुरतकल में आईएसटीई के 39वाँ वार्षिक सम्मेलन समारोह में दिया गया। उन्होंने शैक्षिक जगत में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं, उपलब्धियों और योगदान के लिए इंदिरा गाँधी प्रियदर्शनी पुरस्कार 2009 भी प्राप्त किया हैं। यह पुरस्कार उन्हें इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में 18 नवंबर 2009 को स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गाँधी के 92वें जन्मशताब्दी के अवसर पर दिया गया। इस पुरस्कार का गठन अखिल भारतीय राष्ट्रीय एकता सम्मेलन, नई दिल्ली द्वारा किया गया हैं। यह राष्ट्रीय एकता, अखंडता, भाईचारा और एकत्मकता बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं, उपलब्धियों एवं योगदान के आधार पर कुछ चुने हुए व्यक्तियों को दिया जाता है।

 

प्रा. तरुणकान्त,, सिविल अभियांत्रिकी विभाग, अभियांत्रिकी क्षेत्र में आजीवन उपलब्धि के लिए भा.प्रौ.सं. संस्थान रूड़की - खोसला राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित हुए। प्रा. कान्त 14 नवम्बर 2009 को इस संस्थान के वार्षिक दीक्षांत में पुरस्कार प्राप्त करने के लिए आमंत्रित हुए।

प्रा. राजकिशोर नाथ, मानविकी एवं समाज विज्ञान विभाग, नवम्बर 2009 में गोथिल, जर्मनी में आयोजित कला एवं विज्ञान की अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका सम्मेलन में अभिपत्र शीर्षक "सुपरविनिएन्स एण्ड इमर्जेन्टिज्मः ए स्टडी इन फिलॉसॉफी ऑफ माइण्ड" के लिए श्रेष्ठ सम्मेलन अभिपत्र पुरस्कार प्राप्त किया।

संतोषकुमार गौधमन,, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, भा.प्रौ.सं. मुंबई के एम.टेक. द्वितीय वर्ष के छात्र ने नेब्यूला 2009 में तृतीय पुरस्कार जीता। यह अखिल भारतीय स्तर पर एनालॉग डिज़ाइन स्पर्धा थी। पूरे भारत से लगभग 850 विद्यार्थियों ने इस स्पर्धा में भाग लिया। इस स्पर्धा के दो चरण थे और 18 विद्यार्थियों को अंतिम स्पर्धा के लिए चयन किया गया था। जिसका आयोजन इस कम्पनी के कार्यालय कॉस्मिक सर्किट प्रा. लिमिटेड, बैंगलोर में 26 दिसम्बर, 2009 को हुआ।

 

 

के. कृष्णमोहन, शोध विद्यार्थी, विश्वसनीयता अभियांत्रिकी का चयन आईईईई रिहॅबिलिटी सोसायटी पुरस्कार वर्ष 2009 के लिए हुआ हैं।

 

  प्रा. एस. एम. खोपकर,प्रतिष्ठित प्राध्यापक रसायनशास्त्र विभाग को उत्तर गुजरात पाटन विश्वविद्यालय में भारतीय रासायनज्ञ परिसर के 28वें सम्मेलन में आजीवन पुरस्कार दिया गया।

के. कृष्णमोहन,, विश्वसनियता अभियांत्रिकी के अंतर्रविषयक कार्यक्रम में प्राध्यापक ए. के. वर्मा और प्रा. एस. श्रीविद्या के मार्गदर्शन में कार्यरत शोध विद्यार्थी को आईईईई रिहॅबिलिटी सोसायटी छात्रवृत्ति पुरस्कार 2009 के लिए चयन किया गया हैं। इससे वे 2000 अमेरिकी डॉलर की छात्रवृत्ति पाने के लिए पात्र हो जाते हैं। आईईईई रिहॅबिलिटी सोसायटी छात्रवृत्ति समन्वयक डॉ. रोबर्ट लुमिन्स अपनी पत्राचार टिप्पणी में लिखा की - यह छात्रवृत्ती आईईईई और विश्वसनियता - से संबंधित पेशेवर गतिविधियों में उत्कृष्ट विद्युतापूर्ण उपलब्धियों और उनकी प्रकट अभिरूचि का प्रमाण हैं। यह छात्रवृत्ति पूरे विश्व में विश्वसनियता अभियांत्रिकी के क्षेत्र में कार्यरत पाँच प्रमुख छात्रों को वार्षिक रूप में दी जाती हैं।

प्रा. देवांग खख्खर,, निदेशक, भा.प्रौ.सं. मुंबई एवं प्राध्यापक रसायनशास्त्र विभाग, राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत के रत्न सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए हैं। (नासी इलाहाबाद)

प्रा. रविन्द्र गुडी, रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग, भारतीय रासायनिक अभियंता संस्थान के द्वारा मौलिक अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित हर्दिलिया पुरस्कार के लिए चयनित हुए हैं। यह पुरस्कार उन्हें दिसम्बर 2009 में इंडियन इन्स्टिट्युट ऑफ केमिकल इंजीनियर की वार्षिक बैठक में प्रदान की गई।

प्रा. अनुराग मेहरा, रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग का निर्वाचन इंडियन नेशनल एकाडमी ऑफ इंजीनियर्स के रत्न सदस्य के रूप में हुआ हैं।

प्रा. संतोषकुमार गुप्ता, रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग का निर्वाचन इंडियन नेशनल एकाडमी ऑफ इंजीनियर्स के रत्न सदस्य के रूप में हुआ हैं।

प्रा. आर. मुरूगवेल,  रसायनशास्त्र विभाग को वर्ष 2010 का मटेरियल रिसर्च सोसायटी ऑफ इंडिया पदक प्राप्त हुआ है। यह पदक उन्हें गुजरात में एस पी विश्वविद्यालय की एमआरएसआई वार्षिक आम सभा में प्रदान किया गया। इस अवधि में प्रा. मुरूगवेल एमआरएसआई पदक व्याख्यान देंगे। फिलहाल प्रा. मुरूगवेल अध्ययन अवकाश पर हैं और बोचुंग विश्वविद्यालय, जर्मनी में प्रतिष्ठित डीएफजी मर्केटर पर पीठासीन हैं।

 

 

डा. गणेश मुर्ति,, रसायनशास्त्र विभाग का एक छात्र जिन्होंने प्रा. एम. एस. बालकृष्णन के अधीन डॉक्टरल कार्य किया हैं का चयन पहला, इली लिली एशिया उत्कृष्ट शोध ग्रंथ पुरस्कार के लिए हुआ हैं (द्वितीय पुरस्कार)। इसका चयन डिस्कवरी केमेस्ट्री रिसर्च एण्ड टेक्नोलॉजी डिवीजन इली लिली कंपनी इंडियाना पॉलिश, अमेरिका द्वारा हुआ था। फिलहाल आप युनिवर्सिटी ऑफ कैलबेरी में पोस्ट डॉक्टरल फेलो हैं।

 

प्रा. वी. एस. राजा, भौतिकी एवं पदार्थ विज्ञान विभाग का चयन एनएससीई अंतर्राष्ट्रीय, एनआईजीआईएस प्रतिभापूर्ण योगदान पुरस्कार वर्ष 2008-09 के लिए हुआ है। संक्षारण एवं संक्षारण रोध के क्षेत्र में उनके योगदान को मान्यता प्रदान करने के लिए हैं। इस पुरस्कार का प्रायोजन कोरटेक इंटरनेशनल प्रा. लि. के द्वारा हुआ हैं। यह पुरस्कार उन्हें 30 सितम्बर, 2009 को संक्षारण पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी की अवधि में दिया गया।

 

प्रा. राजा, एनएससीई अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान समिति के सदस्य के रूप में भी निर्वाचित हुए हैं।

 

प्रा. सुबीमल घोष, सिविल अभियांत्रिकी विभाग का चयन भारतीय विज्ञान काँग्रेस संघ (आईएससीए) के द्वारा युवा वैज्ञानिक पुरस्कार 2009-10 के लिए हुआ हैं। यह पुरस्कार उन्हें 3-7 जनवरी 2010 की अवधि में त्रिवेंद्रम में आयोजित सत्तानवी भारतीय विज्ञान काँग्रेस में दिया गया।