|
भा.प्रौ.सं. संकाय के अनुसंधान कार्य की अंतर्राष्ट्रीय पहचान
प्रा. मनोज के. मिश्र, रसायनशास्त्र विभाग को क्वांटम सिद्धांत परियोजना, युनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के लॉडिन व्याख्यान 2010 में व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया। यह व्याख्यान प्रा. पर-ऑलोव लॉडिन के सम्मान में क्वांटम सिद्धांत परियोजना द्वारा प्रत्येक वर्ष अथवा दो वर्ष में एक बार आयोजित किया जाता है। इसी अवसर पर सैद्धांतिक रसायनशास्त्र/जैव रसायनशास्त्र में अंतर्राष्ट्रीय प्रख्यात विद्वानों को उस समय वहा आमंत्रित करने तथा क्वांटम सिद्धांत परियोजना को स्नातक छात्र, पोस्टडॉक्टरल अध्येता तथा संकाय के साथ आपसी सहयोग बढ़ाया जाता है। प्रथम व्याख्यान सर जॉन पॉपल वर्ष 1999 के नोबल पुरस्कार प्राप्तकर्ता थे, उनके बाद कई अन्य प्रतिष्ठित विभूषितयाँ तथा प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों ने व्याख्यान दिया। अधिक जानकारी के लिए देखें: http://www.chem.iitb.ac.in/people/Faculty/prof/mkm.html
प्रा. अभय करंदीकर (विद्युत अभि., विभागाध्यक्ष, कम्प्यूटर केन्द्र) का सेग्मेन्ट प्रोटेक्शन कार्य (तेजस नेटवर्क के साथ) को IEEE न्यू स्टैडर्डस् समिति को अग्रेसारित किया गया है और IEEE 802.1Qbf नामक नया IEEE स्टैडर्ड शुरू करने की संभावना है। इस क्षेत्र में कार्यरत वैज्ञानिक समुदाय के अनुसार, उनकी प्रमुख उपलब्धि और अनुसमर्थन को उल्लेखित करता है। यह पहली बार है कि नया IEEE स्टैडर्ड, भारत में कार्यरत व्यावसायिकों के प्रयासों से उभर रहा है। अधिक जानकारी के लिए : http://www.ee.iitb.ac.in/~karandi/ |